विकसित भारत / 2047 तथा मानव विकास

https://doi.org/10.5281/zenodo.20265367

Authors

  • वीरेन्द्र कुमार

Abstract

दुनिया का सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक तथा विशाल जनसंख्या वाला देश एवं तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने के नाते विकसित भारत / 2047 का औपचारिक शुम्भारंभ एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। विकसित भारत / 2047 का विजन भारत की अपनी आजादी की सौवी सालीगरह तक पूरी तरह से विकसित राष्ट्र बनने की इच्छा को दिखाता है। इसके केन्द्र में नवाचार समवेशी विकास मानव विकास तथा सतत् विकास है यह रिसर्च पेपर विभिन्न आर्थिक पहलुओं तथा विश्लेषण के जरिए मानव विकास से जुड़े बाह्य तथा आतंरिक ढांचे को बनाने में भारत की भूमिका की जांच करता है। यह अध्ययन उन घरेलू सुधारों पर भी प्रकाश डालता है, जिन्हें भारत को अपने राष्ट्रीय विकास एजेंडे को अर्न्तराष्ट्रीय मानव विकास फ्रेमवर्क के साथ समतुल्य करने के लिए करना चाहिए। निष्कर्ष इस बात पर जोर देता है कि भारत की नेतृत्व की क्षमता, अर्न्तराष्ट्रीय मापदण्डों पर आधारित राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताओं को शामिल करते हुए नवाचार के साथ मानव विकास तथा समावेशी विकस के मार्ग पर आगे कैसे बढ़ा जाय।
मुख्य शब्दः- लोकतंत्र, सतत् विकास, समावेशी विकास, मानव विकास, पंूजी स्टॉक, जनसांख्यिकी लाभांश, सम्पोषणीय नीतियां।

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Published

31.03.2026

How to Cite

वीरेन्द्र कुमार. (2026). विकसित भारत / 2047 तथा मानव विकास: https://doi.org/10.5281/zenodo.20265367. Research Work (a Monthly, Open Access, Peer Reviewed International Journal) EISSN 3139-2377, 2(03), 27–31. Retrieved from https://journalresearchwork.ijarms.org/index.php/rahul/article/view/98

Issue

Section

RESEARCH PAPERS