साइबर अपराध की डरावनी उपस्थिति
https://doi.org/10.5281/zenodo.20209057
Abstract
आज कम्प्यूटर, इंटरनेट का उपयोग बहुत तेजी से हो रहा है। व्यक्तिगत कार्यों से लेकर शासकीय कार्यों तक में इसकी सहायता ली जाती है। इंटरनेट की इस दुनिया में अपराधियों के द्वारा न केवल व्यक्तिगत अपराध किये जा रहे हैं बल्कि वे सरकारी तंत्र पर भी हमलावर हैं। सामान्य भाषा में हम इंटरनेट के ज़रिए किए जाने वाले अपराधों को साइबर क्राइम कह सकते हैं। कोई भी ऐसा आपराधिक कार्य, अवैध कार्य, अवांछनीय कार्य जो कम्प्यूटर, इंटरनेट अथवा संचार माध्यम से सम्बद्ध है, वह साइबर क्राइम है। कम्प्यूटर, इंटरनेट के माध्यम से वित्तीय धोखाधड़ी, हैकिंग, सॉफ़्टवेयर की चोरी, किसी अन्य कम्प्यूटर नेटवर्क पर हमला, पोर्नोग्राफी को बढ़ावा, आंतरिक सूचनाओं और बौद्धिक संपदा की चोरी, डिजिटल अरेस्ट आदि को साइबर अपराध कहा जाता है। साइबर अपराध और अपराधी बहुत ही ख़ामोशी से हमारे बीच अपनी घुसपैठ बनाने में लगे हैं। जहाँ हमारी एक लापरवाही हमें साइबर अपराधी का शिकार बना सकती है वहीं हमारी सतर्कता ही इससे बचाव है। ऐसे ही साइबर अपराध, उनके रूपों और उनसे बचने के लिए अपनाई जा रही अनेक विधियों, तरीकों आदि के बारे में प्रस्तुत शोध-पत्र में प्रकाश डालने का प्रयास किया गया है।
कीवर्ड- साइबर क्राइम, कम्प्यूटर, इंटरनेट, साइबर कानून, धोखाधड़ी, सुरक्षा, साइबर सुरक्षा नीति
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Copyright (c) 2026 Research Work (a Monthly, Open Access, Peer Reviewed International Journal) eISSN 3139-2377

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