दिल्ली की प्राचीनता व महत्त्व

DOI- https://doi.org/10.5281/zenodo.21757042

Authors

  • डॉ श्वेता शर्मा, सीमा रानी

Abstract

दिल्ली भारत के सर्वाधिक प्राचीन एवं ऐतिहासिक नगरों में से एक है, जिसका इतिहास हजारों वर्षों की सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक परम्पराओं से जुड़ा हुआ है। प्राचीन भारतीय ग्रंथों में वर्णित इन्द्रप्रस्थ से लेकर आधुनिक राष्ट्रीय राजधानी तक दिल्ली ने अनेक सभ्यताओं, राजवंशों और साम्राज्यों के उत्थान एवं पतन का साक्ष्य प्रस्तुत किया है। मौर्य, गुप्त, तोमर, चौहान, दिल्ली सल्तनत, मुगल तथा ब्रिटिश शासनकाल में दिल्ली ने सत्ता के प्रमुख केन्द्र के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। इसकी भौगोलिक स्थिति, यमुना नदी का तट तथा उत्तर भारत के व्यापारिक एवं सामरिक मार्गों पर स्थित होने के कारण इसका महत्त्व निरन्तर बढ़ता गया। दिल्ली केवल राजनीतिक राजधानी ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कला, स्थापत्य, साहित्य, शिक्षा एवं धार्मिक सहिष्णुता का भी महत्वपूर्ण केन्द्र रही है। यहाँ स्थित कुतुब मीनार, लाल किला, पुराना किला, हुमायूँ का मकबरा, जामा मस्जिद तथा अनेक पुरातात्त्विक अवशेष इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साक्षी हैं। आधुनिक काल में दिल्ली भारत के प्रशासन, न्याय, कूटनीति, शिक्षा, उद्योग, व्यापार तथा वैश्विक संपर्क का प्रमुख केन्द्र बन चुकी है।
प्रस्तुत शोध पत्र दिल्ली की प्राचीनता व इसके महत्त्व पर केंद्रित है। इसके माध्यम से दिल्ली के राजनीतिक संस्कृति व सामाजिक स्थिति का वर्णन किया गया है। प्राचीन समय में दिल्ली की स्थापना तोमरवंश के राजपूत राजा, आनंगपाल (अनंगपाल तोमर दितीय) ने लगभग 11वी शताब्दी (1052 वी) में की थी। अनंगपाल तोमर के बाद कई शासकों ने दिल्ली पर शासन किया तथा अपने -2 कार्यकाल में महलों, मकबरा, किलो, मस्ज़िदों मंदिरों का निर्माण कराया तथा अपने धर्म से संबंधित इमारतें दिल्ली में स्थापित की, दिल्ली पर चौहान वंश, गुलाम वंश, खिलजी वंश,तुगलक वशं, सैयद वशं, लोदी वंश, मुगल वंश व उसके उपरान्त ब्रिटिश का शासन स्थापित हुआ।अतः हमने इन शासकों के समय दिल्ली की स्थिति को दर्शाने का प्रयास किया है।
मुख्य शब्द- दिल्ली, इन्द्रप्रस्थ, प्राचीन इतिहास, सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्त्व, पुरातत्त्व, यमुना, दिल्ली सल्तनत, मुगलकाल, राष्ट्रीय राजधानी, स्थापत्य कला, भारतीय सभ्यता.

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Published

31.07.2026

How to Cite

डॉ श्वेता शर्मा, सीमा रानी. (2026). दिल्ली की प्राचीनता व महत्त्व: DOI- https://doi.org/10.5281/zenodo.21757042. Research Work (a Monthly, Open Access, Peer Reviewed International Journal) EISSN 3139-2377, 2(07), 36–43. Retrieved from https://journalresearchwork.ijarms.org/index.php/rahul/article/view/149

Issue

Section

RESEARCH PAPERS