प्राचीन भारत में महिला शिक्षा का उत्कर्ष और पतन : एक ऐतिहासिक एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन

DOI- https://doi.org/10.5281/zenodo.21389367

Authors

  • ऐश्वर्या सिंह

Abstract

प्राचीन भारत में महिला शिक्षा की स्थिति भारतीय समाज की सामाजिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक संरचनाओं से गहराई से प्रभावित रही है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य प्राचीन काल में महिला शिक्षा की स्थिति का विश्लेषण करना, प्रमुख विदुषियों के बौद्धिक योगदान का अध्ययन करना, महिला शिक्षा के विकास में बौद्ध धर्म की भूमिका का परीक्षण करना, महिला शिक्षा के पतन के कारणों की पहचान करना तथा मध्यकालीन भारत में महिला शिक्षा की स्थिति का मूल्यांकन करना है। अध्ययन ऐतिहासिक अनुसंधान पद्धति पर आधारित है, जिसमें उपलब्ध ऐतिहासिक एवं साहित्यिक स्रोतों का विश्लेषणात्मक एवं व्याख्यात्मक अध्ययन किया गया है। अध्ययन के निष्कर्षों से ज्ञात हुआ कि वैदिक काल में महिलाओं को शिक्षा, वैदिक साहित्य के अध्ययन, धार्मिक अनुष्ठानों तथा दार्शनिक विमर्शों में सक्रिय भागीदारी का अवसर प्राप्त था। गार्गी, मैत्रेयी, लोपामुद्रा तथा अन्य विदुषियों ने ज्ञान-परंपरा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। बौद्ध धर्म ने महिलाओं को शिक्षा एवं बौद्धिक विकास के नए अवसर प्रदान किए, जिससे महिला शिक्षा को प्रोत्साहन मिला। तथापि उत्तरवैदिक काल में उपनयन संस्कार के लोप, बाल-विवाह, सामाजिक रूढ़ियों तथा महिलाओं की घटती सामाजिक स्थिति के कारण महिला शिक्षा में क्रमिक अवनति प्रारम्भ हुई। मध्यकाल तक पहुँचते-पहुँचते महिला शिक्षा सीमित वर्गों तक सिमट गई तथा महिलाओं की शैक्षिक भागीदारी में उल्लेखनीय कमी देखी गई। अध्ययन से निष्कर्ष निकलता है कि प्राचीन भारत में महिला शिक्षा का विकास और पतन सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियों के अनुरूप निर्धारित हुआ तथा महिला शिक्षा की स्थिति समाज में महिलाओं की व्यापक सामाजिक स्थिति का दर्पण रही।

मुख्य शब्द: महिला शिक्षा, प्राचीन भारत, वैदिक काल, विदुषी महिलाएँ, बौद्ध धर्म, मध्यकालीन शिक्षा।

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Published

30.06.2026

How to Cite

ऐश्वर्या सिंह. (2026). प्राचीन भारत में महिला शिक्षा का उत्कर्ष और पतन : एक ऐतिहासिक एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन: DOI- https://doi.org/10.5281/zenodo.21389367. Research Work (a Monthly, Open Access, Peer Reviewed International Journal) EISSN 3139-2377, 2(06), 64–72. Retrieved from https://journalresearchwork.ijarms.org/index.php/rahul/article/view/140

Issue

Section

RESEARCH PAPERS