डिजिटल शिक्षण परिवेश: शिक्षकों का अनुकूलन और कार्य संतुष्टि

https://doi.org/10.5281/zenodo.20477492

Authors

  • डॉ० राजेश कुमार यादव

Abstract

प्रस्तुत शोधपरक लेख आधुनिक भारतीय उच्च शिक्षा के संक्रमणकालीन दौर में डिजिटल परिवर्तन की भूमिका और शिक्षकों के मनोवैज्ञानिक अनुकूलन का सूक्ष्म विश्लेषण करता है। समकालीन शैक्षिक परिदृश्य में पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों का स्थान तेजी से स्मार्ट क्लासरूम, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित उपकरणों ने ले लिया है। यह लेख विशेष रूप से इस बात पर केंद्रित है कि किस प्रकार भारतीय विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षक इस तीव्र तकनीकी बदलाव के प्रति स्वयं को ढाल रहे हैं और यह अनुकूलन प्रक्रिया उनकी कार्य संतुष्टि को किस सीमा तक प्रभावित करती है। शोध के निष्कर्ष यह संकेत देते हैं कि डिजिटल दक्षता न केवल शिक्षण की गुणवत्ता और छात्र सहभागिता में सुधार करती है, बल्कि शिक्षकों के भीतर व्यावसायिक आत्मविश्वास और गौरव का संचार भी करती है। लेख में सूचना क्रांति, बुनियादी ढांचे की उपलब्धता, और कार्य-जीवन संतुलन जैसे महत्वपूर्ण कारकों पर विस्तार से चर्चा की गई है। इसके अतिरिक्त, लेख शिक्षकों के टेक्नो-स्ट्रेस और डिजिटल विभाजन जैसी चुनौतियों को भी रेखांकित करता है, जो उनकी मानसिक संतुष्टि के मार्ग में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आलोक में, यह लेख शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास की आवश्यकता पर बल देता है ताकि एक समावेशी और डिजिटल रूप से सशक्त शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण किया जा सके। अंततः, यह लेख यह स्थापित करने का प्रयास करता है कि डिजिटल अनुकूलन केवल एक कौशल मात्र नहीं है, बल्कि यह शिक्षक के व्यावसायिक कल्याण और आधुनिक शैक्षिक चुनौतियों का सामना करने की उनकी क्षमता का एक अनिवार्य घटक है।
प्रमुख शब्द- डिजिटल अनुकूलन, कार्य संतुष्टि, तकनीकी तनाव, उच्च शिक्षा, डिजिटल साक्षरता, व्यावसायिक विकास, छात्र सहभागिता, संस्थागत सहयोग, शिक्षण विधियाँ, डिजिटल विभाजन।

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Published

31.05.2026

How to Cite

डॉ० राजेश कुमार यादव. (2026). डिजिटल शिक्षण परिवेश: शिक्षकों का अनुकूलन और कार्य संतुष्टि: https://doi.org/10.5281/zenodo.20477492. Research Work (a Monthly, Open Access, Peer Reviewed International Journal) EISSN 3139-2377, 2(05), 30–39. Retrieved from https://journalresearchwork.ijarms.org/index.php/rahul/article/view/125

Issue

Section

RESEARCH PAPERS